चोरी के शक में बच्चों को बनाया निशाना, इलाके में आक्रोश
गुरुग्राम के एक पॉश रिहायशी इलाके में सामने आई घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहां पांच नाबालिग बच्चों को चोरी के संदेह में बंधक बनाकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में गुस्सा और चिंता का माहौल है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सोच पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बच्चों पर सरिया चोरी का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें एक स्थान पर रोककर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि बच्चों के साथ बेहद क्रूरता की गई, जिससे वे गंभीर रूप से सहम गए और घायल हो गए। किसी तरह बच्चों ने अपने परिजनों तक घटना की जानकारी पहुंचाई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों को चोटें आई हैं और वे गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस इलाके को सुरक्षित और सभ्य माना जाता है, वहां इस तरह की घटना का सामने आना बेहद चिंताजनक है। उनका आरोप है कि बिना किसी ठोस सबूत के बच्चों को दोषी मान लिया गया और कानून को हाथ में ले लिया गया। लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे।
बाल अधिकारों से जुड़े संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि बच्चों के साथ हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय जरूरी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जांच तेजी से की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि समाज की संवेदनशीलता की भी कड़ी परीक्षा बनकर सामने आई है।
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