पानीपत–सोनीपत में हत्याओं के बाद की
पानीपत/सोनीपत: चार बच्चों को डूबोकर मारने के सनसनीखेज मामले में आरोपी मां पूनम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खुद को मानसिक रूप से असंतुलित (साइको) बताकर सजा से बचने की उसकी कोशिश मनोरोग जांच में फेल हो गई है। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत परीक्षण के बाद रिपोर्ट में साफ किया है कि पूनम मानसिक रूप से स्वस्थ है और उसे किसी गंभीर मानसिक बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पूनम ने पानीपत और सोनीपत में अलग-अलग समय पर पुलिस, डॉक्टरों और आसपास के लोगों के सामने अलग-अलग तरह का व्यवहार किया। कहीं वह अत्यधिक रोने-चिल्लाने का नाटक करती दिखी, तो कहीं पूरी तरह सामान्य और सवालों के सटीक जवाब देती नजर आई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवहार किसी गंभीर मनोरोग का नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया अभिनय प्रतीत होता है।
मेडिकल बोर्ड ने पूनम की बातचीत, भावनात्मक प्रतिक्रिया, याददाश्त और निर्णय क्षमता की गहन जांच की। रिपोर्ट में उल्लेख है कि वह घटनाओं को क्रमवार बता पा रही थी, सवालों को समझ रही थी और जवाब भी सोच-समझकर दे रही थी। ऐसे में उसे मानसिक रूप से अक्षम या असंतुलित नहीं माना जा सकता।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्याओं के बाद पूनम ने खुद को बीमार दिखाने की रणनीति अपनाई, ताकि कानूनी कार्रवाई में नरमी मिल सके। हालांकि जांच के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की सटीक जानकारी ने संदेह और गहरा कर दिया।
अब मनोरोग रिपोर्ट आने के बाद जांच एजेंसियों की राह आसान हो गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल कर चारों बच्चों की हत्या के आरोप में कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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