बाल श्रम मामलों में सिर्फ एसओपी 2017 के अनुसार ही हो कार्रवाई : आयोग सदस्य अनिल कुमार

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महिलाओं की सुरक्षा के लिए 112 पर ट्रिप मॉनिटरिंग सुविधा शुरू,

बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और कल्याण योजनाओं की समीक्षा

जींद : बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार देर शाम लघु सचिवालय में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पंचकूला के सदस्य अनिल कुमार की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम, शिक्षा, पोषण, प्राइवेट प्ले स्कूल नियम तथा विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
अनिल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों से जुड़े हर मामले में संवेदनशीलता, तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाल श्रम से संबंधित मामलों में केवल ‘चाइल्ड लेबर (प्रोहिबिशन एंड रेगुलेशन) एसओपी 2017’ के अनुसार ही कार्रवाई की जाए तथा किसी भी छापेमारी से पहले उपायुक्त से अनुमति लेना अनिवार्य है। प्राप्त सूचना की सटीकता की भी पूर्ण पुष्टि की जाए। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकों में गैरहाजिरी गंभीर लापरवाही का संकेत है। भविष्य में सौ प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की फीस से जुड़ी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। भट्ठों, अस्थायी बस्तियों तथा माइग्रेंट परिवारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित की जाए और जहां 20 से अधिक बच्चे हों, वहां स्वयंसेवी शिक्षक नियुक्त किए जाएं। निजी स्कूलों में सुरक्षा मानकों तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों व स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। स्कूलों में बढ़ती हिंसा की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। जिन स्कूलों में स्विमिंग पूल हों वहां बच्चियों व महिलाओं की सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन अनिवार्य किया जाए। स्वास्थ्य विभाग को उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित मेडिकल कैंप लगाने और महिलाओं व बच्चों से जुड़ी सभी योजनाओं की समयबद्ध रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए। वन स्टॉप सेंटर व सीसीआई की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सीसीटीवी पूरी तरह कार्यशील रहें, प्रवेश द्वार कैमरों की निगरानी में हों और बच्चों की हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाए।

पोक्सो मामलों में पुलिस को अत्यधिक संवेदनशीलता से जांच करने के निर्देश दिए गए।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अनिल कुमार ने बताया कि 112 पर ट्रिप मॉनिटरिंग सुविधा शुरू कर दी गई है। रात में कैब या ऑटो से यात्रा करने वाली महिलाएं 112 पर कॉल कर अपनी यात्रा की मॉनिटरिंग करवा सकती हैं। पुलिस कंट्रोल रूम महिला की लोकेशन, वाहन व रूट की लगातार निगरानी करेगा और जरूरत पड़ने पर तुरन्त सहायता सेवाएं पहुंचेगी। इस सुविधा का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित घर तक पहुंचाना है।बैठक में बाल कल्याण समिति चेयरमैन सतीश कुमार, डीसीपीओ सुजाता, डब्ल्यूसीडीपीओ कांता यादव, डीईओ रोहताश, एसएचओ मोनिका, लेबर इंस्पेक्टर सोनू, सीए, ओएससी अधिकारी, संरक्षण अधिकारी विजय तथा जिला बाल संरक्षण इकाई की काउंसलर व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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