CJI सूर्यकांत बोले- मेरे भीतर का वकील आज भी जीवित, रोहतक से मिली प्रेरणा
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रोहतक दौरे के दौरान अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि यह शहर उनके लिए प्रेरणा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि उनके अंदर का वकील आज भी जीवित है और बार से मिला स्नेह व समर्थन उनकी यात्रा में अहम रहा।
रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने अपने शुरुआती पेशेवर जीवन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वकालत के दौर में यहां के अधिवक्ताओं के साथ बिताए समय ने उनके व्यक्तित्व और न्यायिक सोच को आकार दिया। पुराने साथियों से मिलकर उन्हें विशेष खुशी हुई और कई यादें ताजा हो गईं।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका और बार के बीच मजबूत संबंध न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने युवा वकीलों को मेहनत, ईमानदारी और निरंतर अध्ययन को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय अधिवक्ताओं ने भी उनका स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना की। वातावरण भावनात्मक रहा, जहां पुरानी स्मृतियों और अनुभवों को साझा किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके कार्यक्षेत्र और सहयोगियों का बड़ा योगदान होता है। रोहतक से मिला अनुभव और मार्गदर्शन उनके जीवन की महत्वपूर्ण पूंजी है।
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