नगर क्षेत्र में किराया बढ़ोतरी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया, अफसरशाही पर उठे सवाल
हरियाणा के कैथल जिले में दुकानों के किराए में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब एक कांग्रेस विधायक ने प्रशासन के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। इस घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय व्यापारियों का ध्यान खींचा, बल्कि अफसरशाही और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते टकराव को भी उजागर कर दिया।
मामला नगर क्षेत्र में स्थित दुकानों के किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी से जुड़ा है। व्यापारियों का आरोप है कि अचानक किराया बढ़ाने के फैसले से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और छोटे दुकानदारों के लिए व्यवसाय चलाना मुश्किल हो जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायक व्यापारियों के समर्थन में सामने आए और प्रशासनिक अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की।
विरोध के दौरान विधायक अपने साथ एक झुनझुना लेकर पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से एसडीएम को निशाने पर लेते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता की आवाज नहीं सुन रहे हैं और सिर्फ कागजी आदेशों में उलझे हुए हैं। उनका यह बयान मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। विधायक का कहना था कि अगर अफसर जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देंगे, तो उन्हें ऐसे ही तरीकों से जगाना पड़ेगा।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे आम लोगों की पीड़ा की अभिव्यक्ति बताया, जबकि विरोधी दलों ने इसे नाटक करार दिया। वहीं, व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से किराया बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी।
प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामले की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का तर्क है कि किराया निर्धारण नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किया गया है, जबकि व्यापारी इसमें राहत की मांग कर रहे हैं।
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर नीतिगत फैसले जब सीधे आम लोगों की जेब पर असर डालते हैं, तो राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव सामने आना तय हो जाता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर समाधान निकलता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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