दिल्ली में वायु गुणवत्ता बिगड़ी
दिल्ली में सर्दियों के मौसम के साथ प्रदूषण फिर भारी हो गया है और राजधानी के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता ‘खतरनाक’ स्तर की ओर बढ़ती दिख रही है। आर. के.पुरम के मॉनिटरिंग स्टेशन ने इस सुबह AQI 300 के आसपास रजिस्टर किया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और स्थानीय लोगों के लिए सांस लेने में समस्या पैदा कर सकता है।
शहर का औसत AQI भी सामान्य से बढ़कर ‘खराब’ श्रेणी में रहा—सुबह के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी का औसत लगभग 269–270 के आसपास था, जो स्वास्थ्य के लिहाज़ से चिंताजनक संकेत देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी रातें और धीमे हवापट्टी (ventilation) ने प्रदूषक कणों को जमीन के पास जमा होने के लिए मदद दी है।
DPCC (स्थानीय मॉनिटरिंग) के ताज़ा रियल-टाइम डेटा में भी आर. के.पुरम पर PM2.5 और PM10 का स्तर औसत से काफी अधिक दिखा है, जिससे यह स्पष्ट है कि माइक्रो-पार्टिकुलेट सामग्री वायुमंडल में अधिक है और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता है।
स्वास्थ्य सलाहकार-प्लेटफॉर्म और वायु-गुणवत्ता सर्वेक्षण साइटें जनता को घर के अंदर रहकर एयर प्यूरीफायर/मास्क उपयोग करने और संवेदनशील समूहों — बुज़ुर्ग, बच्चे और सांस की बीमारी वाले मरीज — को बाहर जाने से बचने की सलाह दे रही हैं। लंबे समय तक प्रदूषण में रहने से श्वसन एवं हृदय संबंधी लक्षण तेज हो सकते हैं।
प्रशासन ने कुछ प्रभावित इलाक़ों पर निगरानी तेज कर दी है और निर्माण-कदमों/धूल उठाने वाली गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने के संकेत दिए जा रहे हैं; साथ ही CPCB द्वारा जारी की जा रही क्षेत्रवार रिपोर्टों पर भी निगाह बनी हुई है। नागरिकों से अपील है कि वे अनावश्यक बाहर जाने से बचें और यदि आवश्यक हो तो N95 जैसी उपयुक्त मास्क पहनें।
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