आतंकी फंडिंग पर शिकंजा कसता जांच एजेंसी का एक्शन

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Delhi blast case

दिल्ली विस्फोट मामले में बड़ा कदम: अल-फलाह यूनिवर्सिटी की 140 करोड़ की संपत्ति जब्त

दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी करीब 140 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है। जांच एजेंसी ने इस मामले में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है, जिससे पूरे प्रकरण ने और गंभीर रूप ले लिया है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट के माध्यम से बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन किया गया। इन पैसों का इस्तेमाल कथित तौर पर गैरकानूनी गतिविधियों और नेटवर्क को मजबूत करने में किया गया। एजेंसी का दावा है कि यही फंडिंग आगे चलकर दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े नेटवर्क तक पहुंची।

जांच एजेंसी के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में यूनिवर्सिटी की जमीन, भवन, बैंक खाते और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। ईडी का कहना है कि यह संपत्तियां अपराध से अर्जित आय से बनाई गई थीं, इसलिए इन्हें कुर्क करना जरूरी था।

चार्जशीट में चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ईडी का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर संदिग्ध फंडिंग को छिपाने के लिए जटिल वित्तीय लेन-देन का सहारा लिया। इसके लिए कई खातों और संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया, ताकि पैसों के स्रोत और इस्तेमाल को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

इस कार्रवाई के बाद शैक्षणिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि सूत्रों का कहना है कि वे कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आने वाले समय में और भी संपत्तियां अटैच की जा सकती हैं। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी ने साफ किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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