अनुयायियों के कथित शारीरिक शोषण मामले में विशेष तिथि तय, तीन दिन तक सीमित रहेगी कार्यवाही
Haryana से जुड़े बहुचर्चित डेरामुखी प्रकरण में अदालत ने 5 मार्च को गवाही दर्ज करने की तिथि निर्धारित की है। यह मामला अनुयायियों को कथित रूप से नपुंसक बनाए जाने के आरोपों से संबंधित है, जिसने लंबे समय से कानूनी और सामाजिक हलकों में चर्चा पैदा की हुई है।
सूत्रों के अनुसार, निर्धारित तिथि पर विशेष गवाह की जिरह और बयान दर्ज किए जाएंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीन दिनों तक किसी अन्य मामले या अन्य गवाह की गवाही दर्ज नहीं की जाएगी, ताकि पूरी कार्यवाही केंद्रित और व्यवस्थित ढंग से हो सके।
मामले की सुनवाई विशेष अदालत में चल रही है, जहां पहले भी कई गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अभियोजन पक्ष का कहना है कि उनके पास पर्याप्त दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य हैं, जबकि बचाव पक्ष आरोपों को निराधार बताता रहा है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि आगामी गवाही इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखे जाने की संभावना है, क्योंकि यह प्रकरण पहले भी संवेदनशील रहा है।
फिलहाल सभी पक्ष 5 मार्च की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। अदालत के निर्देशानुसार सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी।
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