सरकारी अधिसूचना के बाद नियुक्त होगा अनुभवी प्रशासक; आय-व्यय के लिए अलग बैंक खाता बनाया जाएगा
हरियाणा सरकार ने धीरेंद्र ब्रह्मचारी से जुड़े आश्रम के प्रबंधन को लेकर अहम फैसला लिया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब आश्रम की व्यवस्था सरकारी निगरानी में संचालित की जाएगी। इसके लिए एक प्रशासक नियुक्त किया जाएगा, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी होगा और जिसके पास कम से कम पांच साल का प्रशासनिक अनुभव होना जरूरी होगा।
सरकार के इस निर्णय के तहत आश्रम के दैनिक संचालन, संपत्तियों के प्रबंधन और वित्तीय गतिविधियों की जिम्मेदारी नियुक्त प्रशासक के पास होगी। प्रशासनिक अधिकारी आश्रम से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि संस्थान की गतिविधियां निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार संचालित हों।
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि आश्रम की आय और खर्च को व्यवस्थित करने के लिए एक अलग बैंक खाता खोला जाएगा। इस खाते में आश्रम से संबंधित सभी प्रकार की राशि जमा की जाएगी। दान, धार्मिक गतिविधियों से होने वाली आय और अन्य वित्तीय लेन-देन इसी खाते के माध्यम से संचालित होंगे। इससे आर्थिक पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी और आय-व्यय का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार इस फैसले का उद्देश्य आश्रम की संपत्तियों और वित्तीय व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। पिछले कुछ समय से संस्थान के प्रबंधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में कदम उठाया गया।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद आश्रम से जुड़ी गतिविधियों का संचालन सुव्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम पहले की तरह नियमित रूप से जारी रहें।
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