आपात स्थितियों से निपटने को हरियाणा की विशेष रेस्क्यू फोर्स मजबूत, त्वरित प्रतिक्रिया पर फोकस
हरियाणा में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य की पहली हरियाणा स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (HSDRF) में अग्निवीरों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। इस फैसले से न केवल प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन उपलब्ध होगा, बल्कि राज्य की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता भी कई गुना बढ़ेगी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस वर्ष करीब 2227 जवान सेवा से रिटायर होंगे। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे अग्निवीर होंगे, जिन्हें सेना में प्रशिक्षण और फील्ड अनुभव मिल चुका है। सरकार का मानना है कि इन जवानों की दक्षता का उपयोग आपदा प्रबंधन, बचाव कार्य और राहत अभियानों में किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से उन्हें HSDRF का हिस्सा बनाने की योजना तैयार की गई है।
HSDRF के गठन के साथ ही प्रदेश के हर डिवीजन में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) बनाई जाएगी। ये टीमें किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करेंगी। बाढ़, भूकंप, आग, औद्योगिक हादसे और सड़क दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में इन टीमों की भूमिका बेहद अहम होगी। आधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण से लैस ये टीमें समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर आपदा से निपटने की क्षमता मजबूत होगी। अब हर घटना के लिए बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता कम होगी और शुरुआती घंटों में ही प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। इसके साथ ही, अग्निवीरों को सेवा के बाद रोजगार और सम्मानजनक भूमिका मिलने का रास्ता भी खुलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। सेना से प्रशिक्षित युवाओं को राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जोड़ना दोहरा लाभ देगा। आने वाले समय में HSDRF के विस्तार और संसाधनों में बढ़ोतरी की भी योजना है, ताकि हरियाणा किसी भी आपात स्थिति का सामना मजबूती से कर सके।
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