पशु क्रूरता का आरोप, कुत्तों की मौत से प्रशासन घिरा

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Dog Death Case

29 आवारा कुत्तों की मौत पर हंगामा, निगम और नसबंदी एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज

हरियाणा के रोहतक जिले में 29 कुत्तों की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में नगर निगम और कुत्तों की नसबंदी का काम संभालने वाली संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है, वहीं प्रशासनिक लापरवाही के आरोप भी तेज हो गए हैं।

मामला उस समय उजागर हुआ, जब नसबंदी केंद्र में बड़ी संख्या में कुत्तों के मृत पाए जाने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि कुत्तों की देखभाल में गंभीर लापरवाही बरती गई। पूर्व कर्मचारी ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए दावा किया कि केंद्र में कुत्तों को समय पर खाना नहीं दिया जाता था। उसके अनुसार लंबे समय तक भूखे रहने के कारण कुत्ते आक्रामक हो जाते थे और एक-दूसरे को नोचकर खाने की नौबत आ जाती थी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने नगर निगम और संबंधित नसबंदी संस्था के खिलाफ पशु क्रूरता समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी जिम्मेदारों से पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कुत्तों की मौत बीमारी, भूख या आपसी संघर्ष के कारण हुई।

घटना के बाद पशु अधिकार संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते निगरानी होती और उचित इंतजाम किए जाते, तो इतने बड़े स्तर पर जानवरों की मौत नहीं होती। संगठनों ने नसबंदी केंद्रों की नियमित जांच और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई है।

नगर निगम की ओर से फिलहाल मामले की आंतरिक जांच कराने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यह मामला शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की देखभाल और नसबंदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

यह घटना न केवल प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि पशु कल्याण से जुड़े नियमों के सख्त पालन की जरूरत को भी रेखांकित करती है।

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