कार की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को घर से निकाला, चार आरोपियों पर केस
पलवल जिले में एक विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और तीन बार तलाक बोलकर छोड़ देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति दहेज में कार की मांग कर रहा था और मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अंततः पति ने तीन बार तलाक बोलकर उसे मायके भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में पति सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग शुरू हो गई थी। शुरुआत में ताने दिए गए, बाद में मारपीट और मानसिक उत्पीड़न बढ़ता चला गया। पति लगातार कार लाने का दबाव बनाता रहा और इनकार करने पर उसे घर से निकालने की धमकी दी जाती थी। पीड़िता का कहना है कि उसने कई बार ससुराल पक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
आरोप है कि एक दिन पति ने गुस्से में आकर तीन बार तलाक बोल दिया और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता अपने मायके पहुंची और परिजनों को पूरी आपबीती बताई। परिजनों के सहयोग से उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास, ससुर और एक अन्य रिश्तेदार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है। सामाजिक संगठनों ने भी ऐसे मामलों पर चिंता जताते हुए महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि कानून होने के बावजूद दहेज के लिए महिलाओं को प्रताड़ित किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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