पीजी से तस्करी तक का सफर, पढ़ाई के माहौल में पनपा नशे का नेटवर्क

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Drug Trafficking

युवक ने मुखर्जीनगर में खड़ा किया ड्रग रैकेट, IAS-IPS छात्रों के बीच बनाईं कड़ियां

हरियाणा के भिवानी जिले से सामने आया यह मामला चौंकाने वाला है, जहां 12वीं पास एक युवक ने पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के माहौल में रहकर नशा तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। आरोपी पहले भिवानी में एक पीजी हाउस चलाता था, जिसे बेचने के बाद वह दिल्ली के मुखर्जीनगर पहुंच गया। मुखर्जीनगर वही इलाका है, जहां देशभर से IAS और IPS जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र रहते हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मुखर्जीनगर में छात्रों को कमरे किराये पर देने शुरू किए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ उठना-बैठना होने के कारण उसने धीरे-धीरे भरोसे का दायरा बढ़ाया और इसी दौरान उसके संपर्क दिल्ली और पंजाब के नशा सप्लायरों से जुड़ते चले गए। पढ़ाई के शांत माहौल की आड़ में वह ड्रग्स की सप्लाई और डीलिंग करने लगा, जिससे किसी को उस पर शक न हो।

बताया जा रहा है कि आरोपी खुद ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था, लेकिन उसने माहौल और नेटवर्क का पूरा फायदा उठाया। पुलिस के अनुसार, वह दिल्ली और पंजाब से नशीले पदार्थ मंगवाकर अलग-अलग माध्यमों से सप्लाई करता था। मुखर्जीनगर में रहने के दौरान उसने कई ऐसे संपर्क बनाए, जो बाद में उसके पूरे नेटवर्क की रीढ़ बन गए।

जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी ने जानबूझकर मुखर्जीनगर जैसे इलाके को चुना, क्योंकि वहां छात्र लगातार बदलते रहते हैं और पुलिस की नजर भी सामान्य तौर पर नशा तस्करी के बजाय शैक्षणिक गतिविधियों पर रहती है। यही वजह है कि वह लंबे समय तक बिना पकड़े अपना धंधा चलाता रहा।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली और पंजाब तक फैले नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि नशा तस्कर किस तरह पढ़ाई और करियर के सपनों के बीच अपने अवैध धंधे को छुपाकर समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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