स्कूलों में जागरूकता शिविर,
हेल्थ चेकअप कैंप और गांव स्तर पर साक्षरता कार्यक्रम के दिए निर्देश
13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का होगा आयोजन
जींद : हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती पूनम सुनेजा के मार्गदर्शन में सोमवार को नशा मुक्त हरियाणा मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) मैडम मोनिका ने की। बैठक में शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और ड्रग्स विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।सीजीएम मोनिका ने शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक स्कूल में कानूनी साक्षरता कैंप, नुक्कड़ नाटक और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि विद्यार्थियों को नशा मुक्त हरियाणा मिशन से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जागरूकता गतिविधियाँ नियमित रूप से चलनी चाहिए, जिससे युवा वर्ग को नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जागरूकता शिविरों के साथ-साथ हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाए जाएं। नशीले पदार्थों के आदी व्यक्तियों के उपचार की उचित व्यवस्था की जाए और उनकी नियमित निगरानी भी की जाए ताकि वे दोबारा नशे की ओर न मुड़ें।पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि नशा-प्रभावित गांवों की पहचान करके वहां विशेष साक्षरता शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का सहयोग भी लिया जा सकता है।
ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों की नियमित चेकिंग के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की नशीली वस्तु की अवैध बिक्री न हो पाए। सीजीएम मोनिका ने बताया कि आगामी 13 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई गई। स्कूली छात्रों द्वारा गांवों में नशा मुक्त हरियाणा मिशन के तहत विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।
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