लोकसभा में सांसद नवीन जिंदल ने NRI मतदाताओं को ऑनलाइन ई-वोटिंग की सुविधा देने की वकालत की
लोकसभा में मंगलवार को NRI नागरिकों के मतदान अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। सांसद नवीन जिंदल ने संसद में कहा कि दुनिया भर में बसे करोड़ों भारतीय भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान प्रॉक्सी वोट सिस्टम उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि NRI मतदाताओं को सुरक्षित ऑनलाइन ई-वोटिंग सुविधा प्रदान की जाए, ताकि वे दुनिया के किसी भी देश से चुनाव में भाग ले सकें।
जिंदल ने कहा कि विदेशों में काम कर रहे या पढ़ाई कर रहे भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनमें से बहुत कम लोग वोट डालने के लिए भारत आ पाते हैं। तकनीक के इस युग में जब बैंकिंग से लेकर शिक्षा तक सब कुछ ऑनलाइन हो चुका है, तो मतदान प्रक्रिया को भी आधुनिक बनाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ई-वोटिंग से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय चुनावों में भाग ले सकेंगे, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी मजबूत होगी।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म तैयार करे जिसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, OTP वेरिफिकेशन और एन्क्रिप्शन जैसी सुविधाएं हों, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बनी रहे। जिंदल ने कहा कि कई देशों में ई-वोटिंग सफलतापूर्वक लागू है, और भारत भी इस दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई, लेकिन अधिकांश सांसदों ने माना कि NRI समुदाय को मतदान प्रक्रिया में जोड़ना समय की मांग है। इस मुद्दे पर सरकार ने कहा कि वह तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लेगी।
NRI समुदाय लंबे समय से ई-वोटिंग की मांग कर रहा है। यदि यह प्रणाली लागू होती है तो विदेशों में रहने वाले लाखों भारतीय पहली बार अपने देशों से ही वोट डाल सकेंगे।
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