गूंज की ‘अनुगूंज’ पूरी दुनिया में फैले : रमेश बैस 

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रांची : उत्साह और उल्लास के बीच सिल्ली में तीन दिवसीय गूंज महोत्सव का रविवार को राज्यपाल रमेश बैस ने उद्घाटन किया। उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विकास के विविध आयाम से जुड़े गूंज महोत्सव में शामिल होकर प्रसन्नता हुई। गूंज की ‘अनुगूंज’ पूरी दुनिया में फैले। उन्होंने कहा कि महोत्सव का पहला दिन महिलाओं के नाम समर्पित है। जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। महिलाओं को विकास की मुख्य धारा में जोड़े बिना सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। इसके साथ ही युवाओं और किसानों को बेहतर मुकाम देकर राज्य और देश को खुशहाल बनाया जा सकता है। इस दिशा में गूंज का प्रयास सराहनीय है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि छऊ कला को यू-ट्यूब पर देखा था। आज जीवंत रुप में सुंदर प्रदर्शन देख आह्लादित हूं। राज्यपाल ने आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के समाज के हर वर्गों के विकास और क्षमता निर्माण में किए जा रहे रचनात्मक और सृजनात्मक प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुदेश कुमार महतो ऊर्जावान हैं। सिल्ली के साथ राज्य को बेहतर बनाने की उनकी सोच और मंशा सफल हो। इससे पहले सिल्ली कॉलेज में उन्होंने उच्च स्तरीय लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर का ऑनलाइन शुभारंभ किया। स्टडी सेंटर का संचालन झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी की ओर से किया जाएगा। इससे पहले राज्यपाल रमेश बैस के सिल्ली पहुंचने पर गूंज महोत्सव के संरक्षक सुदेश महतो और अन्य अतिथियों  ने उनका स्वागत किया। रेड कारपेट पर राज्यपाल की अगवानी करते हुए मंच पर ले जाया गया। इस दौरान स्टेडियम में मौजूद  बड़ी तादाद में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और लोक कलाकारों ने महामहिम का ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच गर्मजोशी से स्वागत किया। झारखंड तीरंदाजी संघ की उपाध्यक्ष नेहा महतो ने शॉल ओढ़ाकर और मोमेंटो देकर राज्यपाल का स्वागत किया। इसके साथ ही राज्यपाल एक साथ 5001 कलाकारों का ‘छऊ नृत्य कार्निवाल और 1500 युवाओं बच्चों का सांस्कृतिक प्रदर्शन देख  भावविभोर हुए। इस मौके पर राज्यपाल और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए सुदेश ने कहा कि झारखंडी संस्कृति और परंपरा की विरासत का जतन करने की कोशिशों  के साथ शुरू गूंज महोत्सव ने अपने यादगार सफर के साथ क्षेत्र के विकास और समाज के सशक्तिकरण में निर्णायक भूमिका अदा की है । इसके दारोमदार गूंज परिवार से जुड़े 74 हजार परिवार हैं। महामहिम ने रविवार को सिल्ली की धरती को सुशोभित करते हुए गूंज महोत्सव के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह महोत्सव जहां खुशियों का दूसरा नाम है, वहीं उनका मुख्य मकसद समाज के हर वर्ग का  सशक्तीकरण करना है।

 इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ छऊ नृत्य

समारोह में शामिल इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सुब्रतो दास ने  छऊ नृत्य को पारंपरिक नृत्य के तौर पर इस रिकॉर्ड्स में शामिल कर करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने सुदेश महतो को रिकॉर्ड्स से जुड़ा मेडल पहनाया। उदघाटन के दिन, 18 दिसंबर को एक साथ 5001 छऊ नृत्य कलाकारों ने ‘छऊ कार्निवाल’ पेश किया. हजारों की भीड़ उन्हें एकटक निहारती रही। इनके अलावा 1500 युवाओं और बच्चों के सांस्कृतिक प्रदर्शन ने खूबसूरत समां बांध कर रख दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गूंजता रहा। पाइका नाच भी हुआ। इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की सुंदर लहरियों पर लोग मंत्रमुग्ध होते रहे। इसके साथ ही झारखंड आंदोलन के प्रणेता और लड़ो, पढ़ो और बड़ों का नारा देने वाले बिनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्टेडियम परिसर में लगी उनकी प्रतिमा पर राज्यपाल रमेश बैस के साथ सुदेश महतो, सांसद संजय सेठ, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, आदित्य साहू, विधायक लंबोदर महतो, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पद्मश्री मुकुंद नायक, मधुर मंसूरी, छुटनी महतो, झारखंड तीरंदाजी संघ की वरीय उपाध्यक्ष नेहा महतो ने फूल माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर सुदेश महतो ने झारखंड के नव निर्माण सशक्त समाज का आह्वान किया।

सिल्ली कॉलेज में उच्चस्तरीय लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर

सिल्ली कॉलेज में उच्च स्तरीय लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर का शुभारंभ राज्यपाल ने ऑनलाइन शिलान्यास किया। स्टडी सेंटर का संचालन झारखंड स्टेट ओपन युनिवर्सिटी के द्वारा किया जाएगा। लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर के शुरू होने से सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के युवाओं में उत्साह देखा गया। इस मौके पर सिल्ली में ओपेन यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी गई। राज्यपाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय युवाओं का भविष्य संवारने में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका अदा करेगा। युनिवर्सिटी के कुलपति टीएन साहू ने इस विश्वविद्यालय के विभिन्न पहलुओं की चर्चा की और भरोसा दिलाया कि ग्रामीण परिवेश के युवाओं को भविष्य संवारने का बेहतर मौका मिलेगा। इसके साथ ही गूंज महोत्सव में कई हेल्थ कैंप लगाए गए हैं। इन कैंप में मुफ्त चेकअप के अलावा लोगों को दवाइयां दी जा रही हैं। ये हेल्थ चेकअप कैंप 20 दिसंबर तक सेवाएं देंगी। इनमें अलग-अलग रोगों से जुड़े स्पेशलिस्ट डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ सेवाएं दे रहे हैं। कैंप लगाने वाले अस्पतालों में प्रॉमिस हेल्थ हॉस्पिटल रांची, आई हॉस्पिटल रांची, तिरुपति डेंटल क्लिनिक एंड इंप्लांटस सेंटर, सिंगपुर नर्सिंग होम मूरी और सीएचसी सिल्ली शामिल हैं।गूंज महोत्सव आयोजन स्थल (सिल्ली स्टेडियम) में ग्रामीण परिवेश के थीम पर सिल्ली हाट का निर्माण किया गया है। इस हाट में लगभग सौ स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टटॉल में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट रही है। एसएचजी से जुड़ी महिलाओं ने भी कई स्टॉल लगाए हैं। गूंज महोत्सव में डॉ ओएन सिंह, कुलपति, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, डॉ गोपाल पाठक कुलपति सरला बिरला विश्वविद्यालय, डॉ त्रिवेणी नाथ साहू कुलपति झारखंड स्टेट ओपेन विश्वविद्यालय, डॉ अजीत कुमार सिन्हा कुलपति रांची विश्वविद्यालय, कुलसचिव मुकुंद चंद्र मेहता, नेहा महतो उपाध्यक्ष झारखंड स्टेट आर्चरी एसोसिएशन, डॉ देवशरण भगत समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। साथ ही गूंज महोत्सव में पद्मश्री मुकुंद नायक, मधु मंसूरी के साथ अंतराष्ट्रीय छऊ कलाकार बंसीधर महतो, खिरोद सिंह मुंडा, पारंपरिक कलसा नृत्य ग्रुप सुषमा नाग (गुमला, झारखंड), पद्मश्री नेपाल महतो के सुपुत्र स्वागतम् महतो, पद्मश्री स्वर्गीय गंभीर सिंह मुंडा के सुपुत्र कार्तिक सिंह मुंडा, पद्मश्री स्वर्गीय रामदयाल सिंह मुंडा के सुपुत्र गुंजल इकिर मुंडा बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।

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