पूर्व कांग्रेसी नेता के परिवार पर जांच का शिकंजा, एजेंसी की दबिश से मचा हड़कंप
फरीदाबाद में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमें एक पूर्व कांग्रेसी मंत्री के बेटे के आवास पर जांच के लिए पहुंचीं। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहे, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। चार वाहनों में आई टीमों ने सुबह के समय ही परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जांच एजेंसी के अधिकारी सभी जरूरी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच करते नजर आए। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई, ताकि जांच में कोई बाधा न आए। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एक आर्थिक मामले से जुड़ी जांच के तहत की गई है, हालांकि एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
इस दौरान पूर्व मंत्री के बेटे और एजेंसी के अधिकारियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की भी बात सामने आई है। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और मामले को बढ़ने से रोका। घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आईं, जिनमें सुरक्षा बलों की कड़ी घेराबंदी साफ नजर आ रही है।
कार्रवाई की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताते हुए सवाल उठाए हैं, वहीं समर्थकों का कहना है कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। दूसरी ओर, जांच से जुड़े अधिकारी यह कह रहे हैं कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और किसी को भी जांच में सहयोग करना होगा।
इस घटनाक्रम के बाद इलाके में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों के लिए यह कार्रवाई अचानक और असामान्य थी, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी कम ही देखने को मिलती है। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि पड़ताल पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई और स्थिति स्पष्ट की जाएगी। फिलहाल, इस मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें टिकी हुई हैं।
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