बिहार में जब शराबबंदी नहीं थी तब भी लोग जहरीली शराब पी कर मरते थे : तेजस्वी यादव

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पटना : बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को विपक्ष के हंगामे पर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा है कि 5 दिनों के शीतकालीन सत्र के सिर्फ 3 दिन बचे हुए हैं। विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए हम तैयार हैं। लेकिन भाजपा नहीं चाहती है कि जनता के विषय को सदन में उठाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में जब शराब बंदी नहीं थी, तब भी लोग जहरीली शराब पीकर मरते थे। तब भाजपा कहां थी? भाजपा यहां 10 से 15 साल तक सत्ता में थी तो उन्होंने कुछ क्यों नहीं किया? आज उन्हें शराबबंदी विफल होने की याद आ रही है।भाजपा पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि शराबबंदी को जो विफल बता रहे हैं, इन्होंने भी शराबबंदी को लेकर शपथ ली थी। शराबबंदी से पहले और शराबबंदी के बाद जब इनकी सरकार थी, उस समय भी जहरीली शराब से लोगों की मौत हुई है। यह सच्चाई है इसे झुठलाया नहीं जा सकता। आज उन्हें इसमें गड़बड़ी की याद आ रही है। भाजपा के लोगों को भी जवाब देना होगा कि जब वह सत्ता में थे तब कितने लोगों की जहरीली शराब से मौत हुई थी? सदन में भाजपा के हंगामे पर तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता के मुद्दे को विपक्ष को उठाना चाहिए। वह नहीं उठाकर केवल हंगामा किया जा रहा है। असल में ये सब लोग जान रहे हैं कि जब से महागठबंधन की सरकार बनी है तब से लगातार हमलोग अपने वादे को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग तो हर सवाल का जवाब दे रहे हैं, लेकिन हंगामा करने वाले नहीं चाहते हैं कि जनता के मुद्दे को सदन में उठाया जाए। भाजपा के विधायकों द्वारा छपरा में जहरीली शराब की घटना की जगह के जाने पर कहा उन्हें जो करना है करें। भाजपा के मंत्री के घर जब शराब पकड़ी जाती है, तब उस मामले में भाजपा वाले कुछ नहीं बोलते हैं। इस तरह की घटनाएं जब होती थी तब खामोशी अख्तियार कर लेते थे। उन्होंने कहा कि आज दोनों सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन में जो विपक्ष का व्यवहार नियम के अनुसार होना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा को बिहार के लोगों से कोई मतलब नहीं है। भाजपा को बताना चाहिए कि केंद्र सरकार बिहार के लिए क्या कह रही है? बता दें कि छपरा के सारण में जहरीली शराब से दो दर्जन के करीब लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई बीमार का अब भी इलाज चल रहा है।

 

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