35 तोले सोना लूटने का दावा निकला फर्जी, पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
भिवानी में लूट की झूठी सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एक वकील ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ युवकों ने उससे 35 तोले सोना लूट लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई। हालांकि जब पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो पूरा मामला संदिग्ध नजर आने लगा।
सीसीटीवी फुटेज में कथित पीड़ित वकील अकेला दिखाई दिया और आसपास किसी भी तरह की लूट या छीना-झपटी की घटना नजर नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने वकील से सख्ती से पूछताछ की, तो वह अपने बयान में उलझता चला गया। पहले जहां उसने युवकों द्वारा लूट की बात कही थी, वहीं बाद में अपने ही बयान से पलट गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया कि लूट की सूचना झूठी थी। कथित पीड़ित द्वारा पुलिस को गुमराह किया गया, जिससे न केवल पुलिस का समय बर्बाद हुआ बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़े संसाधन भी व्यर्थ खर्च हुए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की झूठी सूचना न दें। ऐसी हरकतें गंभीर अपराधों की जांच को प्रभावित करती हैं और वास्तविक पीड़ितों तक समय पर मदद पहुंचाने में बाधा बनती हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वकील ने झूठी सूचना क्यों दी और इसके पीछे कोई और कारण या दबाव तो नहीं था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झूठी लूट की सूचना से इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था। बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई थी। बाद में सच्चाई सामने आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि यह साबित होता है कि जानबूझकर झूठी सूचना दी गई है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था अपराधों के खुलासे में कितनी अहम भूमिका निभा रही है।
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