महमदकी हत्याकांड के बाद सख्त फैसला, पंचायत ने तीन परिवारों पर लगाया सामाजिक प्रतिबंध

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Fatehabad murder case

सुपारी देकर कराई गई हत्या से गांव में उबाल, पंचायत ने रिश्ते रखने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी

फतेहाबाद जिले के महमदकी गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद गांव की पंचायत ने बड़ा और सख्त निर्णय लिया है। बाप-बेटे द्वारा सुपारी देकर कराई गई हत्या के मामले में पंचायत ने तीन परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पंचायत का कहना है कि जब तक समाज में गलत कार्यों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

जानकारी के अनुसार, यह फैसला गांव में आयोजित पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि हत्या जैसी जघन्य वारदात ने पूरे गांव की छवि को धूमिल किया है। ऐसे में दोषियों के परिवारों के साथ किसी भी प्रकार का सामाजिक, पारिवारिक या व्यावसायिक संबंध नहीं रखा जाएगा। इतना ही नहीं, पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति इन बहिष्कृत परिवारों से मेलजोल रखेगा या किसी तरह का सहयोग करेगा, उसके खिलाफ भी पंचायत स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि इस हत्याकांड में बाप-बेटे ने आपसी रंजिश के चलते सुपारी देकर युवक की हत्या करवाई थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी और इसके लिए पैसे देकर हमलावरों को तैयार किया गया। मामले में पुलिस पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

पंचायत सदस्यों ने कहा कि गांव की सामाजिक व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। उनका मानना है कि सामाजिक बहिष्कार जैसे फैसले समाज में डर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भावना पैदा करते हैं। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ऐसे फैसलों से प्रभावित परिवारों के मासूम सदस्यों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

फिलहाल पंचायत के इस निर्णय के बाद गांव में माहौल गंभीर बना हुआ है। प्रशासन की नजर भी पूरे घटनाक्रम पर है, ताकि किसी तरह का तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। यह मामला एक बार फिर ग्रामीण समाज में पंचायतों की भूमिका और उनके फैसलों को लेकर बहस का विषय बन गया है।

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