परिचित के जरिए हुई डील बनी परेशानी, 20 हजार की बकाया रकम ने बढ़ाई मुश्किल
हरियाणा के झज्जर जिले में फाइनेंस के नाम पर कथित धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक को बाइक खरीदने के बाद भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पीड़ित का आरोप है कि उसने एक परिचित के माध्यम से सेकेंड हैंड बाइक खरीदी थी, लेकिन बाद में उस पर 20 हजार रुपये की पेंडिंग फाइनेंस राशि दिखा दी गई।
पीड़ित के अनुसार, बाइक खरीदते समय उसे बताया गया था कि वाहन पर किसी भी तरह का फाइनेंस बकाया नहीं है और सभी कागजात पूरे हैं। भरोसे में आकर उसने तय रकम अदा कर दी और बाइक अपने नाम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ समय बाद जब वह आरटीओ और फाइनेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी लेने पहुंचा, तो उसे पता चला कि बाइक पर अभी भी 20 हजार रुपये का लोन बकाया दिखाया जा रहा है।
इस जानकारी के बाद उसने संबंधित व्यक्ति और फाइनेंस कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि जिस परिचित के माध्यम से सौदा हुआ, उसने भी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। पीड़ित का कहना है कि यदि उसे पहले ही बकाया फाइनेंस की जानकारी दी जाती, तो वह बाइक नहीं खरीदता।
मामले को लेकर पीड़ित ने स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और बाइक के कागजात, फाइनेंस रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि फाइनेंस की रकम जानबूझकर छुपाई गई या रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां सेकेंड हैंड वाहन खरीदने वालों को बाद में फाइनेंस या लोन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन खरीदते समय आरटीओ रिकॉर्ड और फाइनेंस क्लियरेंस की पूरी जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी से बचा जा सके।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
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