पूर्व मंत्री दलाल की याचिका पर हाईकोर्ट ने दी निर्णय
हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम को शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा, जब अदालत ने उनके द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने धार्मिक कार्यक्रमों में वोट मांगने के आरोपों को चुनौती दी थी। यह मामला चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन से जुड़ा है, जिसे लेकर पूर्व मंत्री ओमप्रकाश दलाल ने अदालत में याचिका दायर की थी।
दलाल ने आरोप लगाया था कि चुनाव प्रचार के दौरान गौरव गौतम ने कई धार्मिक स्थलों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर मतदाताओं से समर्थन मांगा था, जोRepresentation of the People Act और आचार संहिता के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक फायदा उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करता है और यह गंभीर अपराध माना जाता है।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह कहते हुए अपील को खारिज कर दिया कि मंत्री द्वारा प्रस्तुत तर्क पर्याप्त नहीं थे और रिकॉर्ड में ऐसे तत्व मौजूद हैं जो मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति से इसके अनुरूप ज़िम्मेदारी और शुचिता की अपेक्षा की जाती है, और ऐसे आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
फैसले के बाद गौरव गौतम की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि मामला अब आगे विस्तृत जांच और संभावित कार्रवाई की ओर बढ़ सकता है। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर हलचल तेज हो गई है, वहीं विपक्ष ने कहा कि यह जनता के विश्वास की जीत है और मंत्री को अब नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
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