गौशाला में लापरवाही का खुलासा: 50 गायों की मौत, मेडिकल अफसर सस्पेंड

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नगर निगम की सख्त कार्रवाई, 25 कर्मचारियों पर गिरी गाज; जांच कमेटी गठित

चंडीगढ़ की एक गौशाला में 50 गायों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने तत्काल प्रभाव से संबंधित मेडिकल अफसर को निलंबित कर दिया है, जबकि गौशाला से जुड़े 25 कर्मचारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गौशाला में पशुओं की देखभाल, समय पर उपचार और निगरानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई। आरोप है कि बीमार गायों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः मौत हो गई। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर यह मामला केवल प्राकृतिक कारणों का नहीं, बल्कि प्रबंधन में चूक का प्रतीत होता है।

नगर निगम ने घटना की विस्तृत जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी यह पता लगाएगी कि गायों की मौत किन कारणों से हुई, दवाइयों, चारे और पानी की व्यवस्था कैसी थी तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन किया या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु कल्याण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, गौशालाओं में पशुओं की देखभाल व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

घटना के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में भी रोष देखने को मिला। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और गौशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग की मांग की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पशुओं की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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