कर्मचारी की संदिग्ध मौत से उबाल, गुरुग्राम में सड़क पर उतरे सहकर्मी

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police encounter

नाले के किनारे शव रखकर प्रदर्शन, मुआवजे की मांग पर अड़े मृतक के साथी

गुरुग्राम में एक कर्मचारी की मौत के बाद हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब मृतक के साथियों ने जमकर हंगामा किया। घटना के बाद आक्रोशित कर्मचारियों ने नाले के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कर्मचारी की मौत लापरवाही और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों के कारण हुई है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन पर तय की जानी चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक एक निजी संस्थान में कार्यरत था और रोजाना की तरह ड्यूटी पर गया था। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। जब यह सूचना उसके साथियों को मिली तो वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। गुस्साए कर्मचारियों ने शव को नाले के पास रख दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना था कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे शव नहीं उठाने देंगे।

स्थिति को संभालने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। कर्मचारियों का आरोप था कि मृतक से लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में काम कराया जाता था और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। उन्होंने इसे महज हादसा मानने से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

हंगामे के चलते कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। साथ ही प्रबंधन से बातचीत कर मुआवजे के संबंध में उचित कदम उठाने का भरोसा भी दिया गया।

काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत शुरू हुई। पुलिस के समझाने और लिखित आश्वासन के बाद स्थिति धीरे-धीरे शांत हुई। हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। यह घटना एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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