सोसाइटी के शिव मंदिर को तोड़े जाने से नाराज़ निवासी सड़क पर उतरे
गुरुग्राम में एक आवासीय सोसाइटी के भीतर स्थित शिव मंदिर को हटाए जाने के बाद स्थानीय निवासियों के बीच भारी रोष फैल गया। शनिवार को नगर निगम की टीम ने सोसाइटी में मौजूद छोटे शिव मंदिर को यह कहते हुए हटाया कि वह अवैध निर्माण के दायरे में आता है। वहीं, निवासियों का कहना है कि मंदिर लंबे समय से स्थापित था और सोसाइटी के सभी लोग इसकी पूजा-अर्चना करते थे। इस कार्रवाई को लेकर समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त विरोध जताया।
मंदिर हटाए जाने के तुरंत बाद लोग मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए और बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। उनका कहना था कि प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना और बिना किसी वार्ता के धार्मिक स्थल को हटाकर उनकी आस्था को आहत किया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मनमाने ढंग से कार्रवाई की और निवासियों की भावनाओं का सम्मान नहीं किया।
सड़क पर बैठकर किए गए पाठ के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ और आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति बनने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत रहने और सड़क खाली कराने का प्रयास किया, साथ ही आश्वासन दिया कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
निवासियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं बल्कि प्रक्रिया के खिलाफ है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की कानूनी कमी थी भी, तो प्रशासन को पहले लोगों के साथ बातचीत कर समाधान तलाशना चाहिए था। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर को दोबारा स्थापित करने या कम से कम उसके लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
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