रातभर गूंजे भजनों की धून पर थिरके श्रद्धालु
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर की आदर्श कॉलोनी स्थित श्री सालासर मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भव्य संकीर्तन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में बाबा सालासर हनुमान जी का भव्य दरबार सजाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसे पंडित उदित मिश्रा द्वारा पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया।
इसके बाद संकीर्तन की शुरुआत हुई, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक राजू वर्मा और उनकी टीम ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। रातभर चले इस संकीर्तन में हनुमान जी के भजनों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं और श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते दिखाई दिए। संकीर्तन के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर बाबा सालासर हनुमान जी के दरबार में शीश नवाया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा वातावरण जय श्री राम और बजरंगबली की जय के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर समिति के प्रतिनिधि नरेश जैन ने बताया कि संपूर्ण समाज के सहयोग से इस मंदिर का निर्माण समाजसेवी स्वर्गीय नरेंद्रपाल बंटी के संयोजन में द्वारा करवाया गया था। उनके प्रयासों से ही यहां हर वर्ष हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य संकीर्तन की शुरूआत की गई थी। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग और श्रद्धालुओं की आस्था के कारण यह परंपरा वर्षों से लगातार चली आ रही है और हर साल इसमें और अधिक भव्यता देखने को मिलती है। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसके बाद संकीर्तन की शुरुआत हुई, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक राजू वर्मा और उनकी टीम ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। रातभर चले इस संकीर्तन में हनुमान जी के भजनों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं और श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते दिखाई दिए। संकीर्तन के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर बाबा सालासर हनुमान जी के दरबार में शीश नवाया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा वातावरण जय श्री राम और बजरंगबली की जय के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर समिति के प्रतिनिधि नरेश जैन ने बताया कि संपूर्ण समाज के सहयोग से इस मंदिर का निर्माण समाजसेवी स्वर्गीय नरेंद्रपाल बंटी के संयोजन में द्वारा करवाया गया था। उनके प्रयासों से ही यहां हर वर्ष हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य संकीर्तन की शुरूआत की गई थी। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग और श्रद्धालुओं की आस्था के कारण यह परंपरा वर्षों से लगातार चली आ रही है और हर साल इसमें और अधिक भव्यता देखने को मिलती है। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। ![]()











