बजट सेशन से पहले MLA को मिलेगी ट्रेनिंग: विधानसभा में व्यवहार के आधार पर होगा फैसला,
स्पीकर को मिली कई शिकायतें
हरियाणा विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले विधायकों (MLA) की ट्रेनिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष को हाल के सत्रों के दौरान विधायकों के व्यवहार को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह विचार किया जा रहा है कि बजट सत्र से पहले या बाद में विधायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
बताया जा रहा है कि विधानसभा में बार-बार हंगामा, नियमों की अनदेखी, असंसदीय भाषा और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। स्पीकर का मानना है कि विधानसभा लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है, जहां मर्यादा और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विधायकों को संसदीय कार्यप्रणाली, सदन के नियमों और आचरण से संबंधित ट्रेनिंग देने पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि यह ट्रेनिंग अनिवार्य होगी या चयनित विधायकों के लिए होगी, इसका फैसला विधानसभा सत्र के दौरान उनके व्यवहार को देखकर किया जाएगा। यदि बजट सत्र में भी बार-बार नियमों का उल्लंघन होता है, तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। ट्रेनिंग में विधायकों को प्रश्नकाल, शून्यकाल, बहस के नियम, मर्यादित भाषा और सदन की गरिमा बनाए रखने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पहल का उद्देश्य किसी दल विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही को अधिक प्रभावी और सार्थक बनाना है। कई राज्यों और संसद में भी समय-समय पर नए और पुराने सदस्यों के लिए इस तरह की ओरिएंटेशन और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाते रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से संकेत दिए गए हैं कि सदन की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि आवश्यकता पड़ी, तो नियमों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। अब सभी की निगाहें बजट सत्र पर टिकी हैं, जहां विधायकों के व्यवहार के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
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