इन्हें विपक्ष नेता नहीं मानता; कांग्रेस का वेल में हंगामा
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन का माहौल बेहद गर्म रहा। मुख्यमंत्री ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने वेल में पहुंचकर जोरदार हंगामा किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री ने सदन में बोलते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खुद उनकी पार्टी की आंतरिक कलह को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रस्ताव पर विपक्ष के नेता माने जाने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हस्ताक्षर तक नहीं हैं, उसे गंभीरता से कैसे लिया जा सकता है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि “ऐसा लगता है कि कांग्रेस खुद ही हुड्डा को विपक्ष का नेता नहीं मानती।”
मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस विधायकों में नाराजगी फैल गई। वे अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।
हंगामे के बीच स्पीकर ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने को कहा। हालांकि कांग्रेस विधायक कुछ देर तक वेल में डटे रहे। इसके बाद स्पीकर को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रही है। उन्होंने दावा किया कि अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह वैध है और सरकार की नाकामियों को उजागर करता है। वहीं सत्तापक्ष के विधायकों ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सत्र को बाधित कर सदन की कार्यवाही को पटरी से उतारना चाहती है।
![]()











