मुख्यमंत्री बतौर वित्त प्रमुख दूसरा बजट भाषण देंगे, ‘लाडो लक्ष्मी’ के विस्तार पर नजर
Haryana की विधानसभा में आज मुख्यमंत्री, जो वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं, राज्य का वार्षिक बजट पेश करेंगे। बतौर वित्त मंत्री यह उनका दूसरा बजट भाषण होगा। इस बार राजकोषीय अनुशासन, बुनियादी ढांचा, कृषि और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर खास फोकस रहने की संभावना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ‘लाडो लक्ष्मी’ योजना के दायरे में विस्तार या लाभार्थियों के लिए नई शर्तों की घोषणा की जा सकती है। योजना का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, इसलिए बजट में इसके लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन से जुड़े मदों में भी आवंटन बढ़ने की उम्मीद है।
विपक्ष की नजरें राजस्व अनुमान, घाटे के प्रबंधन और कर्ज के आंकड़ों पर टिकी हैं। पिछले वर्ष की घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट भी चर्चा का विषय रहेगी। उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन, ग्रामीण सड़कों और शहरी आधारभूत ढांचे के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाने जैसे कदमों की संभावना जताई जा रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और रोजगार के दबाव के बीच संतुलित बजट पेश करना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। किसानों, कर्मचारियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी घोषणाएं हो सकती हैं।
सदन में बजट पेश होने के बाद उस पर विस्तृत चर्चा होगी और फिर पारित करने की प्रक्रिया आगे
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