नाबालिग शादियों पर कड़ा शिकंजा, निगरानी के लिए नया सिस्टम तैयार

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Haryana child marriage

सरकार ने बढ़ते मामलों पर जताई चिंता, कई विभाग मिलकर करेंगे निगरानी

हरियाणा में बीते पांच वर्षों में सामने आए बाल विवाह के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 1,729 नाबालिग शादियों के मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद सरकार ने इस गंभीर सामाजिक समस्या पर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

राज्य सरकार अब एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रही है, जिसके माध्यम से बाल विवाह के मामलों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल पर विभिन्न विभागों को जोड़ा जाएगा, ताकि समय रहते ऐसे मामलों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके। इस पहल में कुल 12 विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो मिलकर इस समस्या पर नियंत्रण पाने की दिशा में काम करेंगे।

सरकार का मानना है कि बाल विवाह के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण होते हैं। इनमें प्रमुख रूप से गरीबी, शिक्षा की कमी, पारंपरिक सोच और सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता शामिल हैं। इन चार मुख्य कारणों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की गई है, ताकि जड़ से इस समस्या को खत्म किया जा सके।

इसके अलावा, जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिनमें लोगों को बाल विवाह के नुकसान और इसके कानूनी पहलुओं के बारे में बताया जाएगा। स्कूलों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि समाज के हर स्तर पर बदलाव लाया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से बाल विवाह पर रोक लगाने में काफी मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में इस कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जाए और बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य दिया जा सके।

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