शीतलहर का असर बरकरार, धूप के बावजूद नहीं मिली राहत; राजस्थान सीमा पर पाले की मार
हरियाणा इन दिनों कड़ाके की शीतलहर की चपेट में है। ठंड का असर इतना तेज है कि दिन में निकलने वाली धूप भी लोगों को राहत नहीं दे पा रही। प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि राजस्थान बॉर्डर से सटे जिलों में पाला पड़ने से ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, महेंद्रगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां तापमान सबसे नीचे रिकॉर्ड किया गया।
जानकारी के मुताबिक, महेंद्रगढ़ के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी तापमान में गिरावट देखने को मिली है। कम से कम तीन जिलों में न्यूनतम तापमान पहले की तुलना में और नीचे चला गया। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के चलते शीतलहर का प्रभाव दिन और रात दोनों समय महसूस किया जा रहा है। सुबह और देर शाम के समय ठंड सबसे ज्यादा असर दिखा रही है।
राजस्थान बॉर्डर से लगे क्षेत्रों में पाला पड़ने की खबरों से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसलों पर पाले का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सब्जियों और सरसों जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को पाले से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
शीतलहर के चलते आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से खास परेशानी हो रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है, जबकि सुबह के समय घना कोहरा भी छा सकता है। विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।
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