सत्ता से दूरी को लेकर उठे सवाल, नेतृत्व की मंशा पर टिप्पणी
हरियाणा कांग्रेस के भीतर बयानबाजी का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी की एक विधायक, जिन्हें कुमारी सैलजा का करीबी माना जाता है, ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता से दूर रहने के पीछे कुछ नेताओं की सोच और रणनीति जिम्मेदार रही है।
विधायक ने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के बजाय व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को प्राथमिकता दी गई, जिससे संगठन को नुकसान हुआ। उनके अनुसार, यदि सभी नेता एकजुट होकर काम करते, तो हालात अलग हो सकते थे और पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ नेता पार्टी की सामूहिक सफलता के बजाय अपने प्रभाव को बढ़ाने में अधिक रुचि रखते थे।
इस बयान के बाद कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से संगठन की छवि पर असर पड़ सकता है और कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
हालांकि, इस मामले में अब तक संबंधित नेता की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन पार्टी के भीतर चल रही खींचतान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि सब कुछ सामान्य नहीं है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व इन बयानों को किस तरह से संभालता है और क्या संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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