हरियाणा की चर्चित हत्यारोपी के बयान बार-बार बदले,
मेडिकल जांच में मनोवैज्ञानिक बीमारी से इनकार
हरियाणा की चर्चित कथित साइको किलर पूनम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान सामने आया कि एमए और बीएड जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त पूनम पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने साधारण सवालों के भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई। पूछताछ के हर चरण में उसने अपने बयान बदले, जिससे जांच अधिकारियों का शक और गहरा हो गया।
सूत्रों के अनुसार जब पुलिस ने पूनम से घटनाओं की समय-रेखा, स्थान और कारणों को लेकर सवाल किए, तो वह हर बार अलग-अलग कहानी सुनाती रही। कभी उसने अपराध स्वीकार किया, तो कभी खुद को निर्दोष बताने लगी। जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ होता है, तो उसके व्यवहार और जवाबों में एक निश्चित पैटर्न नजर आता है, लेकिन पूनम के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं दिखा।
इसी कारण पूनम का विस्तृत मेडिकल और मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने कई चरणों में उसकी काउंसलिंग और साइकोलॉजिकल असेसमेंट किया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पूनम किसी भी प्रकार की गंभीर मानसिक बीमारी या साइको डिसऑर्डर से ग्रसित नहीं है। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि आरोपी पूरी तरह सवाल समझ रही थी और सोच-समझकर जवाब दे रही थी।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बयान बदलना उसकी रणनीति हो सकती है, ताकि खुद को मानसिक रूप से अस्वस्थ साबित कर कानूनी राहत हासिल की जा सके। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद इस दलील को कमजोर माना जा रहा है। अब पुलिस उसे सामान्य आपराधिक प्रक्रिया के तहत ही पेश करेगी।
इस मामले ने प्रदेशभर में सनसनी फैला रखी है, क्योंकि आरोपी का शैक्षणिक स्तर ऊंचा होने के बावजूद उस पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अपराध की क्रूरता के आधार पर किसी को साइको किलर कहना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि इसके लिए ठोस मेडिकल प्रमाण जरूरी होते हैं।
फिलहाल पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है और मेडिकल रिपोर्ट को चार्जशीट का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। आने वाले दिनों में अदालत में इस रिपोर्ट की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
![]()











