पंचकूला में DG हेल्थ कार्यालय के बाहर धरना,
हिसार में 128 डॉक्टर ड्यूटी से नदारद; 25 को नोटिस जारी
हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। सोमवार को पंचकूला में बड़ी संख्या में डॉक्टर स्वास्थ्य महानिदेशक (DG Health) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। डॉक्टर लंबे समय से लंबित मांगों, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, वेतन विसंगतियों और कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं।
हिसार जिले में हड़ताल का सबसे बड़ा असर देखने को मिला, जहां 128 डॉक्टर ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए। इसकी वजह से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी, आपातकालीन सेवाएं और जांच प्रक्रियाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। मरीजों को घंटों लाइन में लगकर भी इलाज नहीं मिल पाया, वहीं कई गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। जिला प्रशासन ने हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए 25 डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पंचकूला में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे कई बार सरकार को अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण उन्हें मजबूरी में अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। प्रदर्शन में शामिल डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि आपातकालीन सेवाओं को चालू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई जिलों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में हालात ज्यादा गंभीर बने हुए हैं।
राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉक्टर संगठनों से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। फिलहाल हड़ताल जारी है और इसके चलते आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
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