बीमा भुगतान से नाराज किसान सड़कों पर, मुआवजे की राशि पर उठे सवाल
हरियाणा में फसल खराब होने के बाद मिलने वाले मुआवजे को लेकर किसानों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। कई किसानों का आरोप है कि उन्हें नुकसान के मुकाबले बेहद कम राशि दी जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। ताजा मामले में एक किसान ने बताया कि उसने फसल बीमा के लिए लगभग 10 हजार रुपये का प्रीमियम भरा था, लेकिन क्लेम के तौर पर उसे केवल 426 रुपये ही मिले।
किसानों का कहना है कि कई जगहों पर मुआवजे की राशि 100 से 150 रुपये के बीच दी जा रही है, जो उनके नुकसान की तुलना में बेहद कम है। इस स्थिति से नाराज होकर कई किसान विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। हिसार में बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठ गए और सरकार तथा बीमा कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है that फसल खराब होने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन मुआवजा राशि उनकी उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत है। उनका आरोप है कि बीमा कंपनियां सही तरीके से सर्वे नहीं कर रही हैं और मनमाने तरीके से क्लेम तय किया जा रहा है।
किसानों ने मांग की है कि नुकसान का सही आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं प्रशासन का कहना है कि मुआवजा तय करने की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार होती है और शिकायतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां सुधार किया जाएगा।
यह मामला राज्य में कृषि और बीमा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिससे किसानों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
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