सरकार ने सालाना आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपए किया, नए नोटिफिकेशन के तहत लागू
हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण नीति में अहम बदलाव किया है। अब राज्य में ऐसे परिवार, जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपए तक है, सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 5 लाख रुपए सालाना थी, जिसे बढ़ाकर 8 लाख रुपए किया गया है। इस फैसले से लाखों और परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि आय सीमा बढ़ाने के साथ-साथ अन्य पात्रता मानदंड जैसे संपत्ति और भूमि की सीमा भी संशोधित की गई है। इसके तहत आवासीय भूमि, कृषि भूमि और अन्य संपत्ति की जांच के बाद ही परिवार को EWS प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
इस निर्णय को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे गरीब और मध्य वर्गीय परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी में अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। पहले जिन परिवारों की आय 5 लाख से अधिक थी, वे इस लाभ से वंचित थे, लेकिन अब नीति में संशोधन के बाद अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।
राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि संबंधित विभाग जल्द ही सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाएगा ताकि पात्र लोग समय पर आवेदन कर सकें। नोटिफिकेशन जारी होते ही राज्य भर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नई सीमा के अनुसार प्रमाण पत्र जारी करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आगामी समय में इसके प्रभाव का आकलन कर और सुधार किए जा सकते हैं ताकि EWS आरक्षण का लाभ उन तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
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