हरियाणा सरकार का अहम फैसला, परीक्षाओं में कृपाण और मंगलसूत्र की अनुमति
हरियाणा सरकार ने सिख समुदाय और महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा संबंधी नियमों में अहम बदलाव किया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब परीक्षार्थी सिख उम्मीदवार परीक्षा केंद्र में कृपाण पहनकर प्रवेश कर सकेंगे, वहीं महिलाएं मंगलसूत्र पहनकर भी परीक्षा दे सकेंगी। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जो राज्य में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं पर लागू होगा।
अब तक कई परीक्षाओं में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए धार्मिक प्रतीकों और आभूषणों को लेकर सख्ती बरती जाती थी। इससे सिख परीक्षार्थियों और महिलाओं को असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले अपने धार्मिक या सांस्कृतिक प्रतीक उतारने के लिए कहा जाता था, जिसे लेकर आपत्तियां भी सामने आती रही हैं।
सरकार के नए आदेश के तहत सिख अभ्यर्थी धार्मिक मर्यादा के अनुसार कृपाण पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि कृपाण तय मानकों और निर्धारित आकार की होनी चाहिए, ताकि परीक्षा केंद्र पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो। इसी तरह महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने की पूरी अनुमति दी गई है और इसे परीक्षा नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक सम्मान के सिद्धांतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप यह कदम सभी समुदायों के प्रति समानता और सम्मान को दर्शाता है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस फैसले का सिख संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे न केवल परीक्षार्थियों का मानसिक दबाव कम होगा, बल्कि वे बिना किसी असहजता के परीक्षा दे सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
हरियाणा सरकार के इस कदम से यह संदेश गया है कि प्रशासन धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करते हुए आधुनिक व्यवस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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