अब 12वीं तक फीस में राहत, 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
हरियाणा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम फैसला लेते हुए चिराग योजना के दायरे को और व्यापक कर दिया है। अब इस योजना के तहत विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई में फीस संबंधी राहत मिलेगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के करीब 32 लाख जरूरतमंद विद्यार्थियों को सीधा लाभ पहुंचने की उम्मीद है। इस कदम को शिक्षा में समान अवसर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
चिराग योजना का उद्देश्य उन छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से निजी स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर पाते। योजना के विस्तार के बाद अब प्राथमिक स्तर से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक के छात्र इसमें शामिल हो सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल छात्रों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा, बल्कि ड्रॉपआउट दर में भी कमी आएगी।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, योजना के अंतर्गत निजी स्कूलों में दाखिले लकी ड्रॉ के माध्यम से किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की पक्षपात या अनियमितता की गुंजाइश नहीं रहेगी। पात्र विद्यार्थियों का चयन निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा और चयनित छात्रों की फीस का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना का लाभ विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अन्य वंचित वर्गों के बच्चों को मिलेगा। इससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा, जो अब तक केवल सीमित वर्ग तक ही सुलभ था। निजी स्कूलों की भागीदारी से सरकारी स्कूलों पर दबाव भी कम होगा।
अभिभावकों और शिक्षाविदों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि 12वीं तक फीस में छूट मिलने से बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने की समस्या कम होगी और वे उच्च शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
कुल मिलाकर, चिराग योजना का यह विस्तार हरियाणा में शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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