हरियाणा में सोशल मीडिया फ्रैंड्स ने बनाया हनीट्रैप गैंग: शादीशुदा महिलाएं शामिल
हरियाणा में सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करते हुए बनाए गए एक हनीट्रैप गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गैंग की खास बात यह रही कि इसमें शामिल महिलाएं शादीशुदा थीं और गिरोह का सरगना अपने ही जानकारों, दोस्तों और सोशल मीडिया फ्रेंड्स को निशाना बनाता था। गैंग ने हिसार, रोहतक, झज्जर समेत कई जिलों में लोगों को अपना शिकार बनाया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सरगना पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों से दोस्ती करता था। इसके बाद उन्हें महिलाओं से बातचीत के लिए प्रेरित किया जाता। धीरे-धीरे बातचीत नजदीकियों में बदलती और फिर मिलने के बहाने बुलाकर उन्हें हनीट्रैप में फंसा लिया जाता। इसके बाद पीड़ितों को झूठे केस में फंसाने, बदनामी करने या परिवार को जानकारी देने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह की महिलाएं पीड़ितों को विश्वास में लेने में अहम भूमिका निभाती थीं। एक बार शिकार जाल में फंस जाता, तो अन्य सदस्य मौके पर पहुंचकर वीडियो, फोटो या झूठे आरोपों के जरिए दबाव बनाते थे। कई पीड़ितों ने बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत तक नहीं की।
पुलिस को इस गिरोह की जानकारी तब मिली जब एक पीड़ित ने हिम्मत कर शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने गैंग के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गैंग लंबे समय से सक्रिय था और लाखों रुपये की उगाही कर चुका है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अनजान या कम जान-पहचान वालों से नजदीकी बढ़ाना खतरनाक हो सकता है। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर संगठित अपराध को अंजाम दिया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस गिरोह के नेटवर्क, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य पीड़ितों की पहचान में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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