194 किमी लंबा ट्रैक स्वीकृत, करीब 5,983 करोड़ रुपए खर्च होंगे
हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। 194 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 5,983 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। रेल मंत्रालय के तहत संचालित भारतीय रेल की इस परियोजना से राज्य के पांच जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह रेल ट्रैक मौजूदा कॉरिडोर के समानांतर या उपलब्ध रेल भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिससे अलग से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे परियोजना की लागत और समय, दोनों में कमी आने की संभावना है। साथ ही किसानों और स्थानीय निवासियों को विस्थापन जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नई लाइन के शुरू होने से माल और यात्री यातायात दोनों को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
यह रेल परियोजना हरियाणा के परिवहन नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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