पुलिस फॉरेंसिक लैब में बढ़ेगा स्टाफ, हिसार-पंचकूला में DNA यूनिट और RFSL विस्तार का प्रस्ताव
हरियाणा पुलिस की फॉरेंसिक व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) में कुल 64 नई भर्तियों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके साथ ही हिसार और पंचकूला में नए DNA डिवीजन स्थापित करने की योजना है, जबकि दो जिलों में क्षेत्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब (RFSL) का विस्तार किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, बढ़ते अपराधों और वैज्ञानिक जांच की जरूरत को देखते हुए फॉरेंसिक ढांचे को मजबूत करना जरूरी हो गया है। वर्तमान में मामलों की संख्या अधिक होने के कारण रिपोर्ट मिलने में समय लग जाता है। नए पदों पर नियुक्ति होने से जांच प्रक्रिया तेज होगी और पुलिस को समय पर सटीक तकनीकी साक्ष्य मिल सकेंगे।
हिसार और पंचकूला में प्रस्तावित DNA डिवीजन से हत्या, यौन अपराध और गंभीर मामलों की जांच में बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। अभी DNA सैंपल की जांच सीमित केंद्रों में होती है, जिससे लंबा इंतजार करना पड़ता है। नए डिवीजन शुरू होने से न केवल समय बचेगा, बल्कि जांच की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
इसके अलावा, दो जिलों में RFSL के विस्तार की योजना है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही फॉरेंसिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इससे पुलिस को साक्ष्य जुटाने और विश्लेषण में सहूलियत मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे केस सॉल्विंग रेट में भी सुधार आएगा।
DGP कार्यालय का कहना है कि प्रस्तावित 64 भर्तियों में वैज्ञानिक अधिकारी, तकनीकी स्टाफ और सहायक पद शामिल होंगे। इन पदों के जरिए आधुनिक उपकरणों के बेहतर उपयोग और लैब की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
अगर सरकार से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में हरियाणा की फॉरेंसिक प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत फॉरेंसिक ढांचा न्यायिक प्रक्रिया को भी गति देता है और दोषियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।
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