हरियाणा में पिछले तीन महीनों के दौरान शहरों की प्रॉपर्टी से जुड़े आंकड़ों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के 14 शहरी निकायों के ताज़ा डेटा ने इस ट्रेंड को उजागर किया है, जिसमें 3 नगर निगम भी शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक अधिकांश शहरों में प्रॉपर्टी की संख्या या रजिस्ट्रेशन में कमी देखी गई, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर की रफ्तार पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि, इस गिरावट के बीच गुरुग्राम एक अपवाद बनकर सामने आया है। यहां प्रॉपर्टी की संख्या में 6,357 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बताती है कि एनसीआर क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा अब भी कायम है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के अवसर और कॉरपोरेट हब होने के कारण गुरुग्राम में मांग बनी हुई है।
वहीं अन्य शहरों में गिरावट के पीछे आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों का असर और खरीदारों की सतर्कता जैसे कारण बताए जा रहे हैं। जानकारों के अनुसार, आने वाले महीनों में सरकारी नीतियों और बाजार की स्थिरता पर ही यह तय होगा कि शहरी प्रॉपर्टी बाजार दोबारा रफ्तार पकड़ पाएगा या नहीं।
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