उत्तरी क्षेत्र में ठंडी हवाओं का प्रकोप, खेतों और जनजीवन पर दिखने लगा असर
हरियाणा में सर्दी ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के 13 जिलों में अत्यधिक ठंड को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक हालात में खास सुधार की संभावना नहीं है और 10 जनवरी तक लोगों को ठिठुरन झेलनी पड़ सकती है। कई इलाकों में रात के समय पाले की स्थिति बनने के आसार जताए गए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा के नारनौल क्षेत्र में पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन के सबसे कम स्तरों में शामिल है। सुबह और रात के समय घना कोहरा तथा सर्द हवाएं चलने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के कारण ठंडी हवाओं का असर बढ़ गया है। साफ आसमान और कम नमी की वजह से रात के तापमान में और गिरावट संभव है। पाले की स्थिति बनने से सरसों, सब्जियों और आलू जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सिंचाई और फसल सुरक्षा के जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है।
शहरी इलाकों में भी ठंड का असर साफ दिख रहा है। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आ रही है, जबकि लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। अस्पतालों में सर्दी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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