राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित
हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए किसानों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के सात जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि नौ जिलों में तेज ओलावृष्टि हुई। कई इलाकों में ओले गिरने से खेतों और सड़कों पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई, जिससे ठंड में भी इजाफा देखने को मिला। भिवानी, रोहतक और हिसार जैसे जिलों में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए।
तेज बारिश और ओलों के कारण दृश्य ऐसा था मानो खेतों पर बर्फ की चादर बिछ गई हो। अचानक बदले इस मौसम से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ, वहीं ग्रामीण इलाकों में खुले में खड़ी फसलें सबसे ज्यादा चपेट में आईं। किसानों के अनुसार, ओलावृष्टि ने खड़ी फसलों को झुकाकर रख दिया, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
विशेष रूप से सरसों और मटर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन फसलों की कटाई का समय नजदीक था, लेकिन ओलों की मार से फूल और फलियां टूट गईं। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्दी सामान्य नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। कई जगहों पर सब्जियों की फसलें भी खराब होने की सूचना है।
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ को कारण माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवाओं के साथ नमी बढ़ने से ओलावृष्टि और बारिश की स्थिति बनी। आने वाले समय में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा।
किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। वहीं कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति का जायजा लेने में जुटी हैं। यह मौसमीय घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि बदलते मौसम के कारण खेती पर जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।
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