ओलावृष्टि के बाद प्रदेश में शीतलहर का असर, कई जिलों में धुंध छाई; भिवानी रहा सबसे सर्द
हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। ओलावृष्टि के बाद प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। आज सुबह से ही कई इलाकों में धुंध की चादर छाई रही, वहीं आसमान में बादल मंडराते दिखाई दिए। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को एक बार फिर सर्दी का एहसास हुआ और सुबह के समय दृश्यता भी प्रभावित रही।
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में औसतन 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद ठंड का असर कम नहीं हुआ है, क्योंकि शीतलहर और नमी के कारण सर्दी ज्यादा चुभ रही है। भिवानी जिला प्रदेश में सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान सबसे कम रहा।
धुंध और बादलों के चलते सुबह के समय सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। खासकर हाईवे और ग्रामीण इलाकों में लोगों को सावधानी बरतनी पड़ी। कई स्थानों पर खेतों में काम करने वाले किसान भी देर से बाहर निकले। ओलावृष्टि के बाद पहले से ही फसलों को लेकर चिंतित किसान अब मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलों की आवाजाही बनी हुई है। इसी वजह से दिन के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। कुछ जिलों में हल्की धुंध और ठंडी हवाएं अगले एक-दो दिन तक बनी रह सकती हैं। हालांकि दिन में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ठंड और धुंध के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। वहीं वाहन चालकों को भी धुंध के समय फॉग लाइट का प्रयोग करने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में मौसम फिलहाल ठंडा बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी सर्दी से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
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