समय से पहले बढ़ा पारा, फसलों पर असर की आशंका
हरियाणा में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। फरवरी के शुरुआती दिनों में ही अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 15 दिन पहले गर्मी के संकेत दे रहा है। आमतौर पर इस समय हल्की ठंड और ठंडी हवाओं का असर बना रहता है, लेकिन इस बार तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को हैरान कर दिया है।
मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो रबी फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। खासतौर पर गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों की नियमित मॉनिटरिंग करें और किसी भी तरह के तनाव के लक्षण दिखते ही आवश्यक कदम उठाएं।
कृषि विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि किसान सिंचाई का सही समय तय करें और जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें। बढ़ते तापमान के कारण कीट और रोगों का प्रकोप भी बढ़ सकता है, इसलिए फसलों की पत्तियों और तनों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। अगर कहीं असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि अधिकारियों या विशेषज्ञों से संपर्क किया जाए।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कमजोर पड़ने से दिन का तापमान तेजी से बढ़ा है। यदि आने वाले दिनों में ठंडी हवाएं या बारिश नहीं हुई तो गर्मी का असर और तेज हो सकता है। इससे न केवल खेती, बल्कि आम जनजीवन पर भी प्रभाव पड़ेगा।
किसानों का कहना है कि मौसम की यह अनिश्चितता चिंता बढ़ा रही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम जल्द ही सामान्य होगा, ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। फिलहाल, कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर अमल करना ही किसानों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
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