मेडिकल शॉप पर छापेमारी, बिना योग्यता मरीजों को उपचार देने का आरोप
Karnal में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक मेडिकल स्टोर पर औचक निरीक्षण कर कथित अनियमितताओं का खुलासा किया। शिकायत मिली थी कि दुकान पर फार्मासिस्ट की वैध डिग्री के बिना ही मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं और प्राथमिक उपचार भी किया जा रहा है। सूचना के आधार पर ड्रग कंट्रोल अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने संयुक्त कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि दुकान पर मौजूद व्यक्ति आवश्यक शैक्षणिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। आरोप है कि वह डॉक्टर की तरह मरीजों की जांच कर दवाइयां लिख रहा था और इंजेक्शन तक लगा रहा था। मौके से कुछ दवाइयों के सैंपल भी जांच के लिए सील किए गए। विभाग ने संबंधित दस्तावेज जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस या निर्धारित योग्यता के दवा वितरण और उपचार करना कानूनन अपराध है। इससे मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। प्राथमिक जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि दुकान पर लंबे समय से इलाज जैसी गतिविधियां चल रही थीं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अन्य मेडिकल स्टोरों की भी जांच की जाएगी, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे दवा लेते समय लाइसेंस और फार्मासिस्ट की उपस्थिति की पुष्टि अवश्य करें। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके
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