दौरा स्थल: नारनौंद कोर्ट परिसर; अतिथि: अलका शरीन; संबंधित न्यायालय: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय; प्रतिनिधि संस्था: नारनौंद बार एसोसिएशन
उपमंडल स्थित न्यायालय परिसर में उस समय विशेष उत्साह का वातावरण देखने को मिला जब उच्च न्यायालय की न्यायाधीश ने औपचारिक निरीक्षण एवं संवाद कार्यक्रम के तहत यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। आगमन पर अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
संवाद सत्र के दौरान अधिवक्ताओं ने लंबित मामलों की बढ़ती संख्या, न्यायालय में कार्यभार और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से अतिरिक्त न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मामलों के शीघ्र निस्तारण में गति लाई जा सके।
न्यायाधीश ने आश्वस्त किया कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त जज की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है और शीघ्र ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने न्यायालय परिसर में बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन के सुझावों को भी गंभीरता से लेने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर में पौधारोपण भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य हरित वातावरण को बढ़ावा देना और न्यायिक संस्थानों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ना बताया गया। अधिवक्ताओं ने भी इस अभियान में भाग लेते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया।
दौरे के अंत में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के बीच सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें न्यायिक कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर को स्थानीय न्यायिक व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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