लगातार जाम और दुर्घटनाओं से परेशान लोग, अस्थायी मरम्मत पर उठे सवाल
यमुनानगर को पड़ोसी राज्य से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण रोजाना हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जगह-जगह बने गड्ढे, उखड़ी सतह और संकरी लेन के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। सुबह और शाम के समय हालात और बिगड़ जाते हैं, जब लंबी कतारों में वाहन रेंगते नजर आते हैं।
स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि मार्ग की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई बार छोटे हादसे बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है। स्कूल बसों, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी जाम में फंसना पड़ता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
लोगों का आरोप है कि वर्षों से इस मार्ग के विस्तार की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। प्रशासन ने हाल ही में मरम्मत कार्य के लिए लगभग 38 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। अधिकारियों का दावा है कि इस राशि से सड़क की सतह को दुरुस्त कर यातायात को सुगम बनाया जाएगा। हालांकि नागरिकों का कहना है कि केवल पैचवर्क से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और व्यापार मंडलों ने मार्ग को चार लेन में विकसित करने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि बढ़ते औद्योगिक और व्यावसायिक आवागमन को देखते हुए चौड़ीकरण समय की जरूरत है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है।
![]()











