हिन्दू नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन भर नहीं, बल्कि नवजागरण का प्रतीक: अरविंद शर्मा

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Hindu New Year celebration

विहिप ने हिन्दू नववर्ष पर किया धर्म-जागरण का आह्वान

सफीदों (एस• के• मित्तल) : विश्व हिंदू परिषद के जिला संरक्षक अरविंद शर्मा ने कहा कि हिन्दू नववर्ष केवल कैलेंडर में तिथि परिवर्तन भर नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म के नवजागरण का पावन प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया हिंसा, अस्थिरता और सामाजिक विघटन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब सनातन संस्कृति का मूल संदेश सर्वे भवन्तु सुखिनः मानवता को शांति और समरसता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर 19 मार्च को पूरे देश में हिन्दू नववर्ष मनाया जाएगा। इस अवसर पर धर्म-जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि समाज में अपनी परंपराओं के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना मजबूत हो सके। उन्होंने बताया कि इस पावन दिन को लेकर मंदिरों और आश्रमों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें यज्ञ, हवन, सत्संग और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने और लोगों को धर्म तथा संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को दीपों, भगवा ध्वजों और तोरणों से सजाकर नववर्ष का स्वागत करें। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर लगाए गए भगवा ध्वजों तथा नववर्ष के आयोजनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर घर भगवा हैशटैग के माध्यम से इन संदेशों को व्यापक स्तर पर फैलाया जा सकता है, जिससे समाज में सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता और गौरव की भावना मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हिन्दू नववर्ष भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो नई ऊर्जा, नए संकल्प और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

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